आतंकवाद और पश्चिमी मिडीया
यह एक महत्वपूर्ण विषय है. आज ये सोचना बहुत जरूरी है की आतंकवाद के प्रति पश्चिमी मिडीया का दृष्टिकोण क्या है. हम इसपर विचार करते हैं. अभी हाल में ही एक जाना पहचाना पश्चिमी मिडिया मसर्रत आलम के किये गए भारत देश के प्रति राष्ट्र द्रोह को बड़े नरमी से उसके ब्यक्तिगत विचार से जोड़ता पाया गया. मुझे बड़े ही दुर्व्हाग्य से ये कहना पड़ता है ये पश्चिमी मिडीया के लोग कश्मीरी आतंकवादियों के प्रति जितना नर्म रहते हैं. पाकिस्तानी आतंकवादियों के प्रति नरमी दिखाते रहते हैं , क्या वो पश्चिमी मिडीया कभी भी उसके प्रति सहानुभूति दिखा पाया जो इस आतंकवाद से पीड़ित रहे और अपने ही देश में शरणार्थी की तरह जीवन बिताते रहे. आज तक किसी पश्चिमी मिडीया ने आतंकवाद से पीड़ित कश्मीरियों के दुःख और कष्ट पर कोई कार्यक्रम नहीं दिखाया, पीड़ितों की इन्साफ की आवाज से अपने को नहीं जोड़ा. अभी हाल में पाकिस्तान के एक पूर्व राजनयिक ने खुलासा किया की पाकिस्तान ने संयुक्त राज्य अमेरिका से मिलने वाले हथियार और धन को भारत के खिलाफ हो रहे आतंकवादी गतिविधि में ब्यवहार किया जाता है. मगर यही बात भारत हमेशा से कहता आ रहा है भारत की आतंकव...